
मां शैलपुत्री से मांगी सुख शांति
सोलन। शरद नवरात्र के पहले दिन जिला के विभिन्न मंदिरों में माता शैलपुत्री की पूजा अर्चना की गई। इस दौरान मंदिरों में सुबह पांच बजे से भक्तों की आवाजाही मंदिरों में शुरू हो गई, जो देरशाम तक चलती रही। सोलन के प्रसिद्ध शूलिनी मंदिर में भी भक्तों को शीश नवाने के लिए एक से डेढ़ घंटे का समय लग गया। इसके अतिरिक्त प्राचीन शिव मंदिर जटोली, साईं मंदिर शामती, सनातन धर्म मंदिर रबौण, दुर्गा माता मंदिर मुरारी मार्केट, चायल के प्रसिद्ध काली टिब्बा मंदिर, धर्मपुर में मनसा देवी मंदिर, नवनिर्मित शीतला माता मंदिर, परवाणू के शीतला माता मंदिर, नालागढ़ शहर वार्ड 9 स्थित मां दुर्गा माता मंदिर, बाबा भारती मंदिर, चुहूवाल मंदिर, गबला कुंआ, तालाब वाला मंदिर, शीतला माता मंदिर, काली माता मंदिर, भल्लेश्वर मंदिर, भोजनगर के काली माता मंदिर, जोहड़जी के दुर्गा माता मंदिर, कुनिहार के शिव तांडव गुफा, गंभरपुल के देव ब्रिजेश्वर मंदिर, कक्कड़हट्टी के मनसा माता मंदिर, गड़खल स्थित बाबा बालक नाथ मंदिर समेत विभिन्न मंदिरों में भक्तों ने मां के जयकारों के साथ नवरात्रों का स्वागत किया। इस दौरान चायल के काली टिब्बा मंदिर में भंडारा आयोजित किया गया, वहीं धर्मपुर के नवनिर्मित शीतला माता मंदिर में आगामी तीन दिनों तक भंडारा आयोजन किया जाएगा। वहीं कई मंदिरों में रात्रि का जागरण भी होगा।
स्थानीय निवासी पंकज वर्मा, राकेश मेहता, रामकुमार, हरीश कुमार, विक्की, दिनेश, रतीश चौहान, संजय सेठी, मोनू, सोनू, राजेश, सीमा कुमारी, सुनिता और सारिका शर्मा ने बताया कि नवरात्रों के शुभारंभ पर उन्होंने मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना की। सुबह करीब 6:30 बजे नवरात्रों की शुरूआत हुई। आगामी नौ दिनों तक मां के विभिन्न रूपों की पूजा की जाएगी।
